मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के कैबिनेट मंत्री एवं झारखण्ड के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो की सेहत की समस्या के कारण उनका निधन हो गया।
मंत्री महतो को कुछ समय से हृदय संबंधी समस्याएं थीं जिसके चलते उन्हें कई बार अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि, दिनांक 5 अप्रैल को उनकी स्थिति बिगड़ गई और वे राँची के एक निजी अस्पताल में ले जाए गए थे, जहाँ उनके निधन की घोषणा की गई।
महतो झारखण्ड के धनबाद जिले के एक सामान्य ग्रामीण कुली थे जिन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का सद्पुर्ति करने के लिए सर्वसम्मति से काम किया था। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में कई सुधार किए थे और झारखण्ड के विद्यार्थियों के लिए उन्होंने कई योजनाएं चलाई थीं।
झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्वीट करके इस खबर की पुष्टि की है और उन्होंने महतो की कार्यकाल में किए गए योगदान का जिक्र करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्वीट करते हुए लिखा है, "झारखण्ड के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो का निधन हमारे लिए एक व्यक्तिगत और राजनीतिक क्षति है। उन्होंने अपने जीवन के सभी क्षेत्रों में विस्तारपूर्वक काम किया था। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में कई सुधार किए थे और उनके निधन से हम सभी बहुत दुखी हैं। हम सभी उनके परिवार और समर्थकों के साथ हैं।"
झारखण्ड में जगरनाथ महतो के निधन से शिक्षा क्षेत्र में एक विपदा का सामना करना पड़ेगा। महतो ने शिक्षा क्षेत्र में कई सुधार किए थे और झारखण्ड के विद्यार्थियों के लिए उन्होंने कई योजनाएं चलाई थीं। इस दुखद समय में हम सभी उनके परिवार के साथ हैं और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
झारखण्ड के अलावा अन्य राज्यों से भी जगरनाथ महतो के निधन की खबर सुनकर शोक की लहर दौड़ गई है। राज्य सरकार ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है और उन्हें याद करते हुए उनकी सभी योजना
और कार्यक्रमों को जारी रखने का भी ऐलान किया है।
झारखण्ड की राजधानी रांची से जुड़े शिक्षा क्षेत्र के लोगों ने भी इस खबर के समाचार सुनते ही शोक की लहर महसूस की। जगरनाथ महतो के निधन से शिक्षा क्षेत्र को एक विशिष्ट व्यक्ति की खोई हुई कमी का सामना करना पड़ेगा। लोग उन्हें एक अच्छे व्यक्तित्व, उद्देश्य से भरपूर जनप्रतिनिधि और शिक्षा क्षेत्र में कुशल नेता के रूप में याद करेंगे।
झारखण्ड के शिक्षा मंत्री के निधन के साथ ही उनके परिवार के लिए भी यह एक बड़ी दुखद घटना है। लोग उनके परिवार के साथ खड़े होकर उन्हें शोक संतप्ति के इस समय में सहायता देने की उम्मीद करते हैं।
झारखण्ड के शिक्षा क्षेत्र में जगरनाथ महतो के निधन से खाली हुए जगह को भरने के लिए राज्य सरकार की अब जल्द ही नयी नामिति की घोषणा की जाएगी। इस समय, लोग इस विपदा का सामना करते हुए एकजुट होकर दुखभरी घटना के लिए शोक व्यक्त करते हैं।
इसी दौरान, राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्वीट करते हुए जगरनाथ महतो के निधन के समाचार को जताया और उनके परिवार को संबोधित करते हुए कहा कि उनका संपूर्ण परिवार उनके साथ खड़ा है। उन्होंने उन्हें एक अच्छे नेता और मजबूत इंसान के रूप में याद किया और उन्हें अपनी आत्मा के शांति की कामना की।
जगरनाथ महतो 18 नवंबर 1964 को झारखण्ड के गिरिडीह में जन्मे थे। उन्होंने एक समाजसेवी के रूप में अपने जीवन का अधिकांश समय शिक्षा क्षेत्र में गुजारा किया। उन्होंने झारखण्ड विद्यालयी शिक्षा परिषद (Jharkhand Vidyalaya Shiksha Parishad) के नेतृत्व में अपनी सेवाएं दीं थीं।
उन्होंने 2019 में भाजपा से ज्वाइन कर राज्य में शिक्षा मंत्री के रूप में नामित किए गए थे। उनके नेतृत्व में, राज्य सरकार ने विभिन्न शिक्षा से संबंधित योजनाओं को शुरू किया था। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र को और अधिक विकास और सुधार के लिए कई कदम उठाए थे।
झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्वीट करते हुए अपनी संवेदना व्यक्त की और उन्हें एक विशेष व्यक्ति के रूप में याद किया।
झारखण्ड के शिक्षा मंत्री के निधन के बाद, राज्य में शोक की लहर छाई है। उनके परिवार और समर्थकों को दुख के साथ-साथ, उन्हें उनके नेतृत्व में दिए गए योगदान को समझना होगा।
झारखण्ड सरकार ने जगरनाथ महतो के निधन को दुखद घटना के रूप में देखा है और उन्हें उनके योगदान के लिए सदैव याद करेगी। राज्य सरकार ने उनके परिवार को संबोधित करते हुए उन्हें संवेदना व्यक्त की है और उनकी आत्मा की शांति की कामना की है।
झारखण्ड के लोग उन्हें एक समाजसेवी, एक महान नेता और एक मजबूत इंसान के रूप में याद करेंगे। उनके नेतृत्व में शिक्षा क्षेत्र में कई बदलाव हुए थे और उनकी सेवाओं का योगदान झारखण्ड की शिक्षा व्यवस्था के विकास में हमेशा स्मरण रहेगा।
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